इतिहास सेवाये वार्डो की सूचना न्यूज़ लेटर बैलेंसशीट राज्य वित्त आयोग यूजर चार्जेज ऑटोमेशन डी सी बी बोर्ड मीटिंग नगर पालिका के कार्य व्यवस्थापक मुख्य प्रष्ट
नगर पालिका परिषद, देवरिया आपका स्वागत करती है । नगर को स्वस्थ एव सुंदर बनाए रखने में आपका सहयोग आपेक्षित है । अपने समस्त देयों का भुगतान समय से करें । सार्वजनिक मार्गो पर अतिक्रमण न करें । निर्धारित स्थानो पर हे कूड़ा डाले , सफाई के हो जाने के बाद मार्गो पर कूड़ा कर्कट न डालें । निर्धारित स्थानो पर हे कूड़ा डाले , सफाई के हो जाने के बाद मार्गो पर कूड़ा कर्कट न डालें । आपका सहयोग अपेक्षित है।
प्रसासन एवं कर्मचारी 
प्रसासन एवं कर्मचारी 
देवरिया नगर 
अध्यक्ष
अधिसाशी अधिकारी
संपर्क सूत्र
मानव संसाधन 
सूचनाये
सूचनाये
सम्पत्ति
चित्रमाला 
नगरीय विकास
प्रमुख योजनाये 
निविदा सुचनाए
नोटिस 
पत्रावली 
नागरिक चार्टर 
सूचना का अधिकार
शिकायते
शिकायते
शिकायत करें 
शिकायत की स्थिति जाने 
शिकायत रजिस्टर 
देवरिया
देवरिया (Deoria) भारत के उत्तर प्रदेश प्रान्त का एक शहर एवं जिला मुख्यालय है । देवरिया नगर गोरखपुर से क़रीब 50 किमी दक्षिण-पूर्व में स्थित है। देवरिया के पास में बुद्ध की मृत्यु एवं अत्येष्टि के लिए प्रसिद्ध कसिया एक प्रसिद्ध तीर्थस्थल है।
देवरिया जनपद : एक विहंगमावलोकन
ऐतिहासिक दृष्टि से देवरिया कौशल राज्य का भाग था । जनपद के विभिन्न भागों में बहुत सारे पुरातात्विक अवशेष मिले हैं जैसे :- मंदिर, मूर्तियाँ, सिक्के, बौद्धस्तूप, मठ आदि । बहुत सारी कथाएँ भी इसकी प्राचीन गतिशील जीवनता को सत्यापित करती हैं । कुशीनगर जनपद जो कुछ साल पहले तक देवरिया जनपद का ही भाग था का पौराणिक नाम कुशावती था और भगवान राम के पुत्र कुश यहाँ राज्य करते थे और भगवान बुद्ध की परिनिर्वाण स्थली भी यही है । देवरिया का पौराणिक और ऐतिहासिक महत्व है । देवरिया जनपद के रुद्रपुर में प्रसिद्ध प्राचीन शिवलिंग है जो बाबा दुग्धेश्वर के नाम से ग्रंथों में वर्णित है और इस क्षेत्र की जनता जनार्दन इनको बाबा दुधनाथ के नाम से पुकारती है । इतिहास की माने तो रुद्रपुर में रुद्रसेन नामक राजा का किला था और इसी कारण यह रुद्रपुर कहलाया पर मेरे विचार से भगवान रुद्र (शिव) की पुरी (नगरी) होने के कारण इसका नाम रुद्रपुर पड़ा होगा । सरयू नदी के तट पर बसे बरहज की धार्मिक महत्ता है । दूर-दूर से श्रद्धालु यहाँ आते हैं । स्वतंत्रता संग्राम में भी देवरिया पीछे नही रहा और अंग्रेजों के विरुद्ध बिगुल फूँक दिया । शहीद रामचंद्र इण्टरमिडिएट कालेज बसंतपुर धूसी (तरकुलवा) के कक्षा आठ का एक छात्र बालक रामचंद्र ने देवरिया में भारतीय तिरंगे को लहराकर शहीद रामचंद्र हो गया और सदा के लिए अमर हो गया ।
देवरिया जनपद : भाषा एवं धर्म
देवरिया जनपद में मुख्य रूप से हिन्दी भाषा बोली जाती है ।देवरिया जनपद की कुल जनसंख्या की लगभग ९६ प्रतिशत जनता हिन्दी, लगभग ३ प्रतिशत जनता उर्दू और एक प्रतिशत जनता के बातचीत का माध्यम अन्य भाषाएँ हैं । बोली की बात करें तो ग्रामीण जनता के साथ-साथ अधिकांश शहरी जनता भी प्रेम की बोली भोजपुरी बोलती है । कुल जनसंख्या की दृष्टि से इस जनपद में लगभग चौरासी प्रतिशत हिन्दू, लगभग पंद्रह प्रतिशत मुस्लिम और एक प्रतिशत अन्य धर्म को मानने वाले हैं । इस जनपद की जनता आपस में प्रेम-भाव से रहते हुए सबके दुख-सुख में सहभागी बनती है । या यूँ कहें "देवरिया जनपद रूपी उपवन को हिंदू, मुस्लिम, सिख, इसाई, बौद्ध आदि पुष्प अपनी सुगंध से महकाते हैं और ये सुगंध आपस में मिलकर पूरे भारत को गमकाती है ।

देवरिया जनपद : मैप



 
देवरिया परिचय
देवरिया परिचय
इतिहास 
दर्शनीय मंदिर 
डाऊनलोड 
डाऊनलोड 
जन्म फॉर्म
म्रत्यु फॉर्म
जन्म म्रत्यु  
जन्म म्रत्यु  
जन्म पंजीयन 
म्रत्यु पंजीयन 
जन्म म्रत्यु रेकॉर्ड खोजें  
जन्म रजिस्टर  
म्रत्यु रजिस्टर  
गृहकर एव जलकर 
गृहकर एव जलकर 
गृहकर / जलकर मांग नोटिस  
संरक्षित अभिलेख
अभिलेख डाटाबेस